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रतलाम। बारिश नहीं होने से किसानों ने ताल तहसीलदार को ज्ञापन देकर फसलों का सर्वे कर मुआवजे की मांग

रतलाम। बारिश नहीं होने से किसानों ने ताल तहसीलदार को ज्ञापन देकर फसलों का सर्वे कर मुआवजे की मांग

कबीर मिशन तहसील संवाददाता विनोद सोलंकी

ताल।बारिश की लम्बी खेंच होने के कारण खरीफ सोयाबीन फसलों को नुक्सान होने से अतिशिघ्र किसानों के खेतों का सर्वे कराते हुवे किसानों को उचित मुआवजा राशि दिलाये जाने की मांग को लेकर ताल तहसील के नेगरून, करवाखेडी बरसी आदि गांवों के ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन ताल तहसीलदार बी एल डाबी को दिया है।ज्ञापन मे ग्रामीणों ने बताया है कि करीबन एक माह से अधिक समय से बारिश नही होने के कारण बारिश पानी के अभाव मे हम किसान भाईयों के खेत मे खडी सोयाबीन और अन्य फसलों को काफ़ी मात्रा मे नुक्सान हुवा है।

आर्थिक क्षति हुवी है जिससे किसान काफ़ी चिंतित है। कम बारिश होने से फसलें पानी के अभाव मे पिली पड कर मुर्झा गई है एवं खेत मे सोयाबीन सुखने की कगार पर आ गई है जिस कारण किसानों ने खेतों का सर्वे कराते हुवे किसानो को फसल नुक्सानी अनुसार उचित आर्थिक मुआवजा राशि उनके खातों मे डाली जाने के आदेश की मॉग को लेकर ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन देते समय आजाद समाज पार्टी जिला अध्यक्ष गोवर्धनलाल परमार पप्पु खॉ मेव, कालु सिंह पंकज वाल्मीकि भेरूलाल शर्मा लक्ष्मण चौधरी गणेशराम पाटीदार आदि किसानगण मौजुद रहे।

वहीं उक्त किसानों की फसलों का सर्वे आदि कराने को लेकर तहसीलदार बी एल डाबी ने बताया कि विगत एक माह से बारिश नहीं होेने के कारण सोयाबीन की फसल को नुक्सान हो रहा है। कई दुरभाष पर शिकायतें प्राप्त हो रही है व कई किसान भाई तहसील कार्यालय पर आकर उक्त संबंध मे आवेदन पत्र भी दे रहे हे।इस संबंध मे जिला कलेक्टर के भी निर्देश प्राप्त हुवे है कि सभी राजस्व अधिकारी भ्रमण करें जिस पर मेने भी परसों करीबन 10 गांवों का भ्रमण किया है जिसमे जो मगरे की पथरीली भुमि है क्षेंत्र हे उस पर खडी सोयाबीन की फसल को नुक्सान होना चालु हो चुका है।सोयाबीन की फसल पिली पडने लग गई है।और समतल क्षेत्र स्थल पर हरी फसल खडी है उस पर अभी नुक्सान नही है परंतु यदि आने वाले समय मे वर्षा नही हुवी तो उसमे भी नुक्सान होने का अनुमान है। फसल नुक्सानी का सही आकलन तो जब फसल पक कर तैय्यार हो जाती है तब कृषि विभाग वाले एवं पटवारीगण द्वारा क्राप कटींग कर फिर आनावारी निकालने के बाद गांव वाईस सही जानकारी मिल पाती है कितनी मात्रा मे फसल का नुक्सान हुवा है। साथ ही किसान भाईयों को भी कहा गया है कि वे बीमा कम्पनीयौं को भी टोर्ल फ्रि नम्बर पर संपर्क करें उनको भी जानकारी देवें। वर्तमान मे पटवारीगण भी हड़ताल पर है। पटवारीगण हडताल से आते ही हम शासन के दिशा निर्देश अनुसार दल बनाकर सर्वे कराएगें।

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