क्राइम दतिया मध्यप्रदेश समाज

जुर्माने की राशि जमा नहीं करने वाले कैदियों के लिए समाजसेवी बने मसीहा, रोटरी क्लब दतिया मिडटाउन एवं रोट्रेक्ट क्लब दतिया द्वारा पैसे अदा कर जेल से करवाया रिहा

जुर्माने की राशि जमा नहीं करने वाले कैदियों के लिए समाजसेवी बने मसीहा, रोटरी क्लब दतिया मिडटाउन एवं रोट्रेक्ट क्लब दतिया द्वारा पैसे अदा कर जेल से करवाया रिहा

दतिया से नगर संवाददाता विकास वर्मा की रिपोर्ट
दतिया| किसी का भला हो तो नेक काम करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। ऐसा ही काम दतिया के कुछ युवा कर रहे हैं।दतिया में कई कैदी सजा काटने के बाद थोड़ा सा जुर्माना अदा न कर पाने के कारण जेल में बंद हैं, इन गरीब कैदियों की मदद के लिए कुछ युवा समाज सेवी आगे आ रहे हैं,समाज सेवियों की इस पहल के चलते दो कैदी आजाद होकर अब खुले में सांस ले रहे हैं।

धोखाधड़ी के मामले में इसे न्यायालय ने इसे साढ़े चार साल की कैद और 10 हजार एवं 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, सजा तो इसने जैसे तैसे काट ली, लेकिन गरीब होने के कारण यह जुर्माना अदा नहीं कर सका घरवालों की दशा इतनी दयनीय है कि वे साढ़े चार साल में एक वार भी मिलने नहीं आये, ऐसे में जुर्माना कैसे भरें,दतिया में कई कैदी ऐसे हैं जो सजा काटने के बाद थोड़ा सा जुर्माना अदा न कर पाने के कारण जेल में बंद हैं इन गरीब केदियों की मदद के लिए कुछ युवा समाज सेवी आगे आ रहे हैं।रोटरी क्लब दतिया मिडटाउन एवं रोट्रैक्ट क्लब दतिया के संयुक्त तत्वाधान में डिस्ट्रिक्ट 3053 रोटरी इंटरनेशनल के को-चेयर रोटे.पंकज जड़िया जी

एवं एड.सत्येन्द्र दिसोरिया (डायरेक्टर) एवं रोटरी क्लब दतिया मिडटाउन के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी, उपाध्यक्ष रोटे एस.एस सिन्हा,सचिव ए.के गुप्ता सचिव,सहसचिव रोटे नरेंद्र सोनी, कोषाध्यक्ष रोटे दिनेश समनानी, रोटे शान्तनु अग्रवाल,रोटे रेनू गुप्ता, करन सिंह परिहार,प्रभा मांझी एंव यूथ रोट्रैक्ट क्लब दतिया के अध्यक्ष सुभाष दाँगी एवं सचिव कुँ.धर्मेंद्र वैदोरिया,रीना गौतम,अनुज सक्सेना द्वारा राशि का सहयोग किया गया। सूचना मिलते ही क्लब के पदाधिकारीगण पहुचे एवं जुर्माने की राशि जमा कराई तत्पश्चात वह व्यक्ति जेल से रिहा हो गया साथ ही आरोपियों द्वारा ऐसा कृत्य न करने का संकल्प लिया साथ ही साथ सभी क्लब के साथियों का आभार व्यक्त किया। दो केदियों का जुर्माना भरने की इस अभिनव पहल के चलते दो कैदी सुरेंद्र दांगी और भवर सिंह आजाद होकर अब खुले में सांस ले रहे हैं और काफ़ी ख़ुश हैं l

केदियों को लोग अपराधी मानते हैं सो समाज में उन्हें अच्छे नजरिए से नहीं देखा जाता इसलिए इनकी कोई मदद भी नहीं करता,लेकिन ये भी सच है कि कई कैदी हालातों के कारण अपराध के दलदल में फ़स जाते हैं ऐसे लोगों की मदद निश्चय ही सराहनीय पहल है l

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