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अनुसूचित जाति वर्ग के महान क्रांतिकारी वीर मनीराम अहिरवार को शहीद होते हुए सम्मानित क्यों नहीं किया

अनुसूचित जाति वर्ग के महान क्रांतिकारी वीर मनीराम अहिरवार को शहीद होते हुए सम्मानित क्यों नहीं किया

भोपाल। अनुसूचित जाति वर्ग और अनुसूचित जनजाति वर्ग के सामाजिक संगठनों और जागरूक प्रतिनिधियों की आवश्यक बैठक वीर मनीराम अहिरवार जी के शहादत दिवस पर भोपाल में बैठक हुई। जिसमें सभी ने अफसोस जाहिर किया कि हमारे महापुरुषों के अतुलनीय योगदान जो कि स्वतंत्रता आन्दोलन में सन् 1942 तक की अंतिम आजादी में योगदान देने के पश्चात भी उन्हें शहीद व सेनानी होने से आज तक वंचित करना बिल्कुल नाइंसाफी और कहना होगा कि भेद-भाव की नीति के तहत ही किया होगा।

विगत दिनों चार इमली जो कि प्रदेश के आला अधिकारी व मंत्री के आवास के लिए जाना जाता है। वहां पर मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग और अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित पिछड़ा वर्ग के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के जिला नरसिंहपुर के चीचली में आजादी के आन्दोलन में महात्मा गांधी जी के आवाहन पर स्वतंत्रता सेनानी वीर मनीराम अहिरवार जी ने वहां के गोंड राजा श्री शंकर प्रताप सिंह जूदेव के राजमहल की सुरक्षा करते हुए

अंग्रेजों से कब्जा न करने हेतु अपनी जान की बाजी लगा दी और अंग्रेजों को चीचली से खदेड़ बाहर निकल दिया ऐसे महान क्रांतिकारी वीर सपूत मनीराम अहिरवार जी को अभी तक की सरकार ने और जनप्रतिनिधियों ने अनदेखी की है।जो कि स्वतंत्रता आन्दोलन के गौरव पुरुषों के आन्दोलन को दबाने का काम किया है।इस बैठक में अनेक सामाजिक संगठनों ने दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश के जिला नरसिंहपुर में आजादी में योगदान करने वाले वीर मनीराम अहिरवार जी को राष्ट्रीय शहीद का दर्जा दिया जाए।

तथा उनके उत्तराधिकारी परिवार में लंबे समय से संघर्ष कर रहे उनके पोते मूलचंद मेधोनिया/, अहिरवार को जो देश की आजादी में कुर्बान होने वाले परिवार को सुविधा दी जाती है वह दी जायें।यह मामला सभी सामाजिक लोगों को चिंता का बिषय है कि आखिर ऐसा घोर अन्याय क्यों किया गया। जबकि उनकी अंग्रेजी सेना के युद्ध करते समय ही उन पर चलीं गोली में से एक गोली वीरांगना गौरादेवी कतिया जी को लगीं और वह मौके पर ही शहीद हुए। लेकिन वीर मनीराम अहिरवार जी ने अंग्रेजों की प्रताड़ना सहर्ष स्वीकार ली । लेकिन अपने गोंड राजमहल के रक्षार्थ शहीद हुए। उन्होंने कोई भी राजमहल की गोपनीयता जानकारी नहीं दी। वल्कि गुलामी बेगारी प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने वाले मध्यप्रदेश के एकमात्र अमर शहीद वीर मनीराम अहिरवार जी थे।

जिन्हें सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले सामाजिक संगठनों में सर्व श्री राजेश कुमार अहिरवार जी प्रदेश अध्यक्ष अहिरवार समाज संघ मध्यप्रदेश, सर्वहारा वर्ग समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महंत परमसुख शाक्य जी, महार जाति राष्ट्रीय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बोरसे जी, झुग्गी झोपड़ी किसान मजदूर समिति के प्रदेश अध्यक्ष बलवान सिंह कुशवाहा जी, डॉ.अमबेडकर विचार मंच मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सीताशरण सूर्यवंशी जी, कुशवाहा समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह कुशवाहा जी, यादव समाज कल्याण फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री शिवराज सिंह यादव,संत रविदास कल्याण फाउंडेशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महेश नंदमेहर जी, सहित भोपाल के वरिष्ठ समाजसेवी श्री विजय सुरणकर जी, श्री बृजेश आर्य जी, श्री राहुल पाटिल जी, श्री अजय नारनवरे जी, श्रीमती इंदू ताई जी, इत्यादि सामाजिक संगठनों ने वीर मनीराम अहिरवार जी को राष्ट्रीय शहीद का दर्जा दिलाने की पुरजोर समर्थन कर मांग की है कि जो भी राजनैतिक दल अपनी सरकार बनाना चाहते है वह अव आजादी के अमृत महोत्सव बीत जाने पर उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान कर शीघ्र उनके उत्तराधिकारी परिवार को सुविधा उपलब्ध करने एवं उनके जन्म स्थान पर विशाल स्मारक बनवाने की शीघ्र पहल करें।

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